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तुम्हारा वाला मैं...: तुम जो कुछ हो, वही होना चाहता हूँ... (Hindi Edition) by [Pandey "Mann", Manish]

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तुम्हारा वाला मैं...: तुम जो कुछ हो, वही होना चाहता हूँ... (Hindi Edition) Kindle Edition

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Product Description

बहुत साधारण सी है यह कहानी। कुछ भी असाधारण नहीं है इसमें। इसमें वही है जो हर आम आदमी के जीवन में होता है - संघर्ष। अपने आस-पास जिसे भी देखते हैं, हर व्यक्ति कोई न कोई संघर्ष कर रहा है। संघर्षों को नापने का कोई पैमाना नहीं होता। इसलिए किसी के संघर्ष को छोटा या बड़ा कहना उचित नहीं। जब आप संघर्ष कर रहे हों, तो हर उस व्यक्ति के लिए आदर और सम्मान का भाव आता है, जो कहीं न कहीं, कोई न कोई संघर्ष कर रहा है। इसीलिए यह कहानी हर उस आम और खास व्यक्ति की कहानी है जो हार मानने से इंकार करता है।

हर व्यक्ति के जीवन में कभी-कभी बहुत कठिन समय आता है। कभी-कभी शारीरिक, मानसिक या आर्थिक तकलीफें बर्दाश्त के बाहर होने लगती हैं। कभी सब कुछ करके भी कुछ परिणाम हासिल नहीं होते हैं। कभी सारी शक्ति समेट कर भी एक इंच चलना भी मुश्किल लगता है। कभी रोशनी की कोई किरण दिखाई नहीं देती है। और कभी तो हार कर सब कुछ छोड़ देने का मन करने लगता है।
ऐसे समय मन में बहुत सारी शंकायें, बहुत सारे सवाल उठने लगते हैं। ऐसा मेरे साथ ही क्यों हो रहा है? मैंने तो कभी किसी का बुरा नहीं किया। बुरा करना तो दूर, न वाणी से कभी कहा, न मन में किसी का बुरा सोचा। फिर मेरे साथ ही ऐसा क्यूँ?
ऐसा क्यूँ है कि कोई तो बहुत सुखी है, कोई बहुत दुखी? क्या सब कुछ भाग्य से मिलता है? क्या ईश्वर अपनी मर्ज़ी से कभी किसी को हँसाते, तो कभी किसी को रुलाते रहते हैं? अगर ऐसा है तो ईश्वर ये खेल हमारे साथ क्यों खेल रहे हैं?
अगर सब कुछ भाग्य से, किस्मत से, कर्मों से या ईश्वर ही मर्ज़ी से ही होता है तो कोई कर्म करे ही क्यों? क्यों कोई जॉब, बिज़नेस में परेशान हो? क्यों कोई गृहिणी अपने बच्चे-घर-परिवार में व्यस्त रहे? क्यों कोई किसान खेतों में पसीना बहाये? क्यों कोई सैनिक घर परिवार छोड़ कर सीमा पर लगा रहे?
ऐसे समय में ईश्वर के अस्तित्व पर भी सवालिया निशान लगने लगते हैं। क्योंकि अगर वो होते तो क्या अपने बच्चों के साथ ऐसे अन्याय होने देते?
क्या कुछ ऐसा है जिसे जानने के पश्चात् सारे सवालों के जवाब मिल जायें और कोई शंका बाकी न रहे? चाहे कोई तूफ़ान भी पास से गुज़र जाये पर हम विचलित न हों? चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, हम हमेशा शांत और आनंदित रहें ?
आखिर क्या है जीवन का रहस्य?

ऐसे ही बहुत सारे सवालों के जवाब ढूंढती हुई, बहुत साधारण सी कहानी है ये। असाधारण दर्द से झूझती पत्नी और उसके साधारण से परिवार के संकल्प, सेवा और समर्पण की कहानी है। बहुत सामान्य लोगों की, बहुत असामान्य प्रश्नों के जवाब खोजने की कहानी है।
हो सकता है, कोई और भी इस समय असीम शारीरिक, मानसिक या आर्थिक कष्ट से गुजर रहा हो। हो सकता है, कोई और भी इसी तरह के सवालों से उलझ रहा हो, कोई और भी इस समय मुश्किलों से निकलने का रास्ता खोज रहा हो। हो सकता है, यह साधारण सी कहानी पढ़ कर उन्हे अपने जीवन की दशा और दिशा बदलने में मदद मिल सके।

Product details

  • Format: Kindle Edition
  • File Size: 1299 KB
  • Print Length: 88 pages
  • Sold by: Amazon Asia-Pacific Holdings Private Limited
  • Language: Hindi
  • ASIN: B08283GBYB
  • Word Wise: Not Enabled
  • Screen Reader: Supported
  • Enhanced Typesetting: Enabled
  • Average Customer Review: 5.0 out of 5 stars 18 customer reviews
  • Amazon Bestsellers Rank: #11,949 Paid in Kindle Store (See Top 100 Paid in Kindle Store)
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10 December 2019
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