Customer Review

Reviewed in India on 1 August 2020
कान्सैप्ट अच्छा है। ऐतिहासिक घटनाओं को सही उठा कर उन्हे एक दूसरे से पिरोने की बहुत बढ़िया कोशिश की गयी है।
लेकिन उतनी मजेदार नहीं लग रही है। जितना इंट्रेस्टिंग इसका कान्सैप्ट है।
कोई चैप्टर बहुत अच्छा है, तो कोई चैप्टर उकताहट वाला है।
कंटैंट काफी repetitive है। एक ही बात को बार बार , बार बार जिक्र करने से पढ़ने में काफी उकताहट लगने लगी थी।
कभी कभी 2 पेज स्किप करने देने के बाद भी कहानी जरा सा भी आगे की तरफ खिसकी हुई नहीं लगी।
किताब बेस्ट सेलर है, तो ये criticism का कोई मतलब नहीं है। लेकिन किताब को अच्छे एडिटर की सख्त जरूरत है। क्योंकि बहुत सी बातें बार बार रिपीट हुई हैं। जो की गैर जरूरी हैं।
अच्छी एडिटिंग के बाद किताब की पृष्ट संख्या 100 पेज तक कम हो जाएगी। तीनों बूक की। 100 100 100
जनवरी में इसके तीनों पार्ट को एक साथ ऑर्डर करने के बाद भी दूसरी किताब आधी तक ही पढ़ी है।
अनेक जगह पर बाते काफी repetitive और अनावश्यक खींची हुई मालूम पढ़ती हैं। जो की जरूरी नहीं है।
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4.3 out of 5 stars
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